Why at all make a blog? ब्लॉग बनाया ही क्यों जाए?

हिंदी में हज़ारों ब्लॉग इस समय ठीक तरह से चल रहे हैं, जबकि हर कोई फेसबुक और व्हाट्सप में ही चैट करते हुए नज़र आते हैं. फिर क्यों इतने सारे ब्लॉगर अपनी ऊर्जा ब्लॉग बनाने और उनको संजोने में लगे हैं? क्या ये लोग अपने पुराने घोंसलों से चिपके रहने लो मज़बूर हैं क्योंकि नयी टेक्नोलॉजी इनके बस में नहीं है? या ब्लॉगिंग इनका नशा है जिसे ये छोड़ नहीं पा रहे? ऐसा क्यों है कि हज़ारों नए लोग ब्लॉगिंग से जुड़ रहे हैं, जिनमें युवा और बच्चे काफ़ी संख्या में शामिल हैं?

कुछ तो है - गलत या सही - जो पुराने ब्लॉगर साथियों को अपने ब्लॉगों से जोड़े हुए है और नए लोगों को ब्लॉग बनाने को प्रेरित करता है. 

ब्लॉग एक घर की तरह है जिसे आप संजोते रहते हैं. फेसबुक आदि तो बस सराय की दीवार भर हैं: लिखें, फोटू चिपकाऐं और जब नया कुछ कहने को हुआ तो उसे पुराने के ऊपर चिपका दें. ब्लॉग रूपी बंगले में बहुत कुछ लिखा-पढ़ा संग्रह होता जाता है. लम्बे समय के बाद जब आप अपने ब्लॉग को देखते हैं तो  इसपर आप नाज़ कर सकते हैं.

फिर यह किसने कहा कि या तो ब्लॉगिंग करिए या फिर व्हाट्सप पर लगे रहिए. व्हाट्सप आदि को मित्रों और परिवार से तुरंत संपर्क बनाने या उनसे जानकारी / संस्मरण साझा करने के लिए करिए, और एक ब्लॉग रखिए जहां आप अपने विचार, अपनी कविताएँ, बहुत अच्छे संस्मरण इत्यादि सुरुचिपूर्ण तरीके से सजाते रहिए. बीच-बीच में अपने मित्रों और जानकारों को इनके बारे में बताते रहिए. दोनों हाथों में लड्डू, है न?

ब्लॉगिंगअपनी प्रतिभा को निखारने और सबके समने रखने, अपने विचार संग्रह करने, अपने लेखन और अपनी यादों को  इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखने, गम्भीर विषयों पर चर्चा करने आदि का अनमोल साधन है. ससथ ही यह या तो मुफ़्त है या बहुत कम खर्चीला.

अब अगर आप ब्लॉगिंग से पैसे कमाना चाहें तो इसके भी कई विकल्प हैं यहां. कुछेक मित्र ब्लॉग लिखते लिखते लेखक बन गए हैं, या उनकी प्रतिभा को देखकर किसी कम्पनी ने लेख लिखने या फ़ोटो देने के लिए उनसे करार कर लिए हैं. कुछ ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर विज्ञापनों के ज़रिए पैसे कमा रहे हैं. कुछ ब्लॉगर जिनकी हॉबी यात्रा, फोटोग्राफी, फैशन या खाना बनाना थे, अपने ब्लॉगों से धनार्जन कर रहे हैं. ये सब हिंदी ब्लॉगर मित्रों की बात हो रही है. हालांकि हिंदी में अभी स्कोप कम है लेकिन जैसे हिंदी अखबारों और टेलीविज़न चैनलों ने अंग्रेज़ी वालों को पीछे छोड़ दिया है, वैसे ही हिंदी के ब्लॉग तथा वेबसाइटें भी कमाल दिखा सकती हैं.

अपना ब्लॉग आप बिना एक धेला खर्च किए खोल सकते हैं. इंडियनटॉपब्लॉग्स  पर हमने नया ब्लॉग बनाने पर कई टिप दिए हैं जिन्हें आप यहाँ पढ़ कर आनन-फानन में अपना ब्लॉग बना सकते हैं. यहां आपको ब्लॉगिंग के बारे में ढेरों जानकारियां भी मिलेंगी: How to start a blog and maintain it well.
अगर आप केवल हिंदी में काम करते हैं तो इस लिंक पर जाइए: अपना ब्लॉग कैसे बनाएं तथा कैसे संजोएं

फिर से आते हैं अपने प्रश्न पर: ब्लॉग क्यों बनाया जाए? अगर आपके मन मैं यह प्रश्न अभी भी बना हुआ है तो अपनी बेचैनी हमसे शेयर करिए, दायीं तरफ दिए हुए कांटेक्ट फॉर्म में लिखकर. हो सकता है हम कुछ और जानकारी दें और आपकी शंका का समाधान हो जाए.