Hindi blogs: key observations on design | हिंदी ब्लॉगों के डिजाईन पर कुछ अहम् विचार


  Hindi blog sites: design issues

ITB पर लिखी गई इस पोस्ट में हमने हिंदी ब्लॉगों में डिजाईन की कमज़ोरियों के बारे में विस्तार से चर्चा की है. हालांकि यह पोस्ट इंग्लिश में है, डिजाईन के पहलुओं को चित्रों के माध्यम से समझाया गया है. आशा है, आप इससे लाभ उठा पाएंगे.

चूंकि अब ITB पर मुख्य सामग्री इंग्लिश में होती है और  हम हिंदी की ब्लॉगिंग से सम्बन्धी जानकारी हम इस छोटे से ब्लॉग पर देते हैं, ITB की हिन्दी के बारे में लिखी गई ऎसी पुरानी पोस्टों को हम यहाँ पुनः प्रकाशित कर रहे हैं जो अभी भी प्रासंगिक हैं.

तो यह रही हिंदी ब्लॉग डिजाईन पर पोस्ट: Hindi blog design issues: key observations

What's your social media policy, Sisodia asks Modi

दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार से RTI अर्ज़ी के माध्यम से जानना चाहा है कि  सरकार की सोशल मीडिया में विज्ञापन देने के बारे में क्या नीति है. केजरीवाल और उनके साथियों का मानना है कि केंद्र सरकार उनके साथ दोहरे मानदंड अपनाती है: जब प्रधानमंत्री सोशल मीडिया में अपनी बात कहते हैं तो वह देशप्रेम हो जाता है और जब दिल्ली सरकार 'Talk to AK' app बनाने के लिए ठेका  देती है तो वह भ्रष्टाचार मान लिया जाता है.
Hindi blogging tips
सिसोदिया की RTI अर्ज़ी औरउनकी इस बारे में पत्रकार वार्ता पूरी तरह राजनीतिक है. लेकिन हमने भी केंद्र सरकार को कई बार लिखा है कि वह छोटे अखबारों की तरह ब्लॉगों को भी विज्ञापन दे, लेकिन अभी तक कोई सुनवाई नहीं हुई है और न होने का चांस है जबतक मोदी जी को इसमें देश के साथ-साथ अपने भी प्रचार का हित नज़र आने लगे.

यहां पर हम अपने उस ब्लॉग पोस्ट का लिंक दे रहे हैं जहां पर हमने यह बताने की कोशिश की है कि किस तरह ब्लॉग अखबारों से अधिक प्रभावी हैं सरकारों के प्रचार तथा विकास/ समाज से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने के लिए: Why Should Governments Support Blogs 
सभी हिंदी ब्लॉगर मित्रों को अच्छा लगेगा अगर दिल्ली सरकार इस मामले में सोचे. सिसोदिया जी, आप सुन रहे हैं?

 अगर आपको इस बात में दम लगता हो तो इस मुहिम को आगे बढ़ाने का कष्ट करें.

Directory of Best Hindi Blogs 2016 हिंदी के सर्वष्रेष्ठ ब्लॉगों की डायरेक्टरी

मित्रो,

30 सितंबर आने वाला है और हम उस दिन हिंदी के सर्वष्रेष्ठ ब्लॉगों की डायरेक्टरी का अगला संस्करण आपके सामने पेश करेंगे. आपसे अनुरोध है कि बिना उस तिथि की प्रतीक्षा किए हिंदी के अच्छे ब्लॉग सुझाने का कष्ट करें.

हम खुद भी हिंदी ब्लॉग-संसार में अच्छे ब्लॉगों को खोजते रहते हैं लेकिन फिर भी कई उम्दा ब्लॉग छूट जाना संभव है. ऐसे में आपकी मदद इस डायरेक्टरी को समृद्ध बनाने और अच्छे ब्लॉगों को आगे बढ़ाने में बहुत कारगर होगी.
  • इस डायरेक्टरी में ब्लॉग बिना किसी शुल्क के, केवल गुणवत्ता के आधार पर सम्मिलित किए जाते हैं;
  • ब्लॉग में लिखित सामग्री, फोटो इत्यादि का स्तर सामान्य से ऊपर होना चाहिए;
  • भाषा में व्याकरण और वर्तनी की गलतियां न हों.
  • ब्लॉग में पिछले 12 महीनों में से कम से कम 9 महीनों में पोस्ट पब्लिश होनी चाहिए;
  • ब्लॉग में डिज़ाइन का स्तर अगर उच्चतम नहीं हो तो कम से कम ऐसा न हो कि ब्लॉग पढ़ा न जा सके, फूहड़ लगे, कबाड़खाने जैसा लगे या उसमें अनाप-शनाप विजेट अव्यवस्थित तरीके से लगाईं गई हों;
  • ब्लॉग में आलोचना तो हो लेकिन गाली-गलौज न हो;
  • ब्लॉग में दूसरों के जाति, धर्म आदि का अपमान न हो, विद्वेष-पूर्ण या अनर्गल भाषा का प्रयोग न हो, नग्नता न हो.

ब्लॉग सुझाने के लिए कृपया इस पते पर - kp.nd.2008@gmail.com - ईमेल करें या दायीं ओर दिए गए कांटेक्ट फॉर्म का प्रयोग करें.

This is invitation to Hindi bloggers, Hindi lovers and all other visitors to please suggest good Hindi blogs as the Directory of Best Hindi Blogs, 2016 edition, will come out soon. 

Though we search for good blogs ourselves, it is possible that we miss some good blogs. So, your suggestions will not only help enriching the Directory, it will also help in promoting good blogs.

Why at all make a blog? ब्लॉग बनाया ही क्यों जाए?

हिंदी में हज़ारों ब्लॉग इस समय ठीक तरह से चल रहे हैं, जबकि हर कोई फेसबुक और व्हाट्सप में ही चैट करते हुए नज़र आते हैं. फिर क्यों इतने सारे ब्लॉगर अपनी ऊर्जा ब्लॉग बनाने और उनको संजोने में लगे हैं? क्या ये लोग अपने पुराने घोंसलों से चिपके रहने लो मज़बूर हैं क्योंकि नयी टेक्नोलॉजी इनके बस में नहीं है? या ब्लॉगिंग इनका नशा है जिसे ये छोड़ नहीं पा रहे? ऐसा क्यों है कि हज़ारों नए लोग ब्लॉगिंग से जुड़ रहे हैं, जिनमें युवा और बच्चे काफ़ी संख्या में शामिल हैं?

कुछ तो है - गलत या सही - जो पुराने ब्लॉगर साथियों को अपने ब्लॉगों से जोड़े हुए है और नए लोगों को ब्लॉग बनाने को प्रेरित करता है.

ब्लॉग एक घर की तरह है जिसे आप संजोते रहते हैं. फेसबुक आदि तो बस सराय की दीवार भर हैं: लिखें, फोटू चिपकाऐं और जब नया कुछ कहने को हुआ तो उसे पुराने के ऊपर चिपका दें. ब्लॉग रूपी बंगले में बहुत कुछ लिखा-पढ़ा संग्रह होता जाता है. लम्बे समय के बाद जब आप अपने ब्लॉग को देखते हैं तो  इसपर आप नाज़ कर सकते हैं.

फिर यह किसने कहा कि या तो ब्लॉगिंग करिए या फिर व्हाट्सप पर लगे रहिए. व्हाट्सप आदि को मित्रों और परिवार से तुरंत संपर्क बनाने या उनसे जानकारी / संस्मरण साझा करने के लिए करिए, और एक ब्लॉग रखिए जहां आप अपने विचार, अपनी कविताएँ, बहुत अच्छे संस्मरण इत्यादि सुरुचिपूर्ण तरीके से सजाते रहिए. बीच-बीच में अपने मित्रों और जानकारों को इनके बारे में बताते रहिए. दोनों हाथों में लड्डू, है न?

ब्लॉगिंग अपनी प्रतिभा को निखारने और सबके समने रखने, अपने विचार संग्रह करने, अपने लेखन और अपनी यादों को  इलेक्ट्रॉनिक रूप में सुरक्षित रखने, गम्भीर विषयों पर चर्चा करने आदि का अनमोल साधन है. साथ ही यह या तो मुफ़्त है या बहुत कम खर्चीला.

अब अगर आप ब्लॉगिंग से पैसे कमाना चाहें तो इसके भी कई विकल्प हैं यहां. कुछेक मित्र ब्लॉग लिखते लिखते लेखक बन गए हैं, या उनकी प्रतिभा को देखकर किसी कम्पनी ने लेख लिखने या फ़ोटो देने के लिए उनसे करार कर लिए हैं. कुछ ब्लॉगर अपने ब्लॉग पर विज्ञापनों के ज़रिए पैसे कमा रहे हैं. कुछ ब्लॉगर जिनकी हॉबी यात्रा, फोटोग्राफी, फैशन या खाना बनाना थे, अपने ब्लॉगों से धनार्जन कर रहे हैं. ये सब हिंदी ब्लॉगर मित्रों की बात हो रही है. हालांकि हिंदी में अभी स्कोप कम है लेकिन जैसे हिंदी अखबारों और टेलीविज़न चैनलों ने अंग्रेज़ी वालों को पीछे छोड़ दिया है, वैसे ही हिंदी के ब्लॉग तथा वेबसाइटें भी कमाल दिखा सकती हैं.

अपना ब्लॉग आप बिना एक धेला खर्च किए खोल सकते हैं. इंडियनटॉपब्लॉग्स  पर हमने नया ब्लॉग बनाने पर कई टिप दिए हैं जिन्हें आप यहाँ पढ़ कर आनन-फानन में अपना ब्लॉग बना सकते हैं. यहां आपको ब्लॉगिंग के बारे में ढेरों जानकारियां भी मिलेंगी: How to start a blog and maintain it well.
अगर आप केवल हिंदी में काम करते हैं तो इस लिंक पर जाइए: अपना ब्लॉग कैसे बनाएं तथा कैसे संजोएं

फिर से आते हैं अपने प्रश्न पर: ब्लॉग क्यों बनाया जाए? अगर आपके मन मैं यह प्रश्न अभी भी बना हुआ है तो अपनी बेचैनी हमसे शेयर करिए, हो सकता है हम कुछ और जानकारी दें और आपकी शंका का समाधान हो जाए. वैसे हमने ब्लॉग्गिंग से सम्बंधित सैकड़ों टॉपिक्स पर सरल इंग्लिश में टिप्स यहां दिए हैं, उनसे लाभ उठाएं: All blogging tips in one place.