Blog quality: Google's take ब्लॉग की गुणवत्ता: गूगल के सुझाव

हमने ITB पर दो पोस्टें इस दौरान प्रकाशित की हैं, जो गूगल द्वारा हाल ही में जारी की गई 'सर्च रेटिंग गाइडलाइन्स'  पर आधारित हैं और बताती हैं कि सर्च इंजन किस तरह की वेबसाइट या ब्लॉगों को पसंद करते हैं. हम उनका शब्दशः अनुवाद तो नहीं कर पाएंगे लेकिन हिंदी में ब्लॉगिंग करने वाले मित्रों के लिए मुख्य बातें तो हिंदी में दे ही सकते हैं.

1. हमेशा विषय वस्तु की गुणवत्ता का ध्यान रखें और किसी अन्य वेबसाइट या ब्लॉग से नक़ल न करें. हाँ, आप औरों के कथन को उधृत कर सकते हैं लेकिन यह भी  कॉपी-पेस्ट जैसा न हो.

2. किसी भी वेबसाइट की साख इस पर निर्भर करती है कि उसके लेखक में कितनी प्रवीणता, कितना कौशल और कितनी विशेषज्ञता है. गूगल ने स्पष्ट किया है कि कमज़ोर भाषा, चालू तरीके से लिखे गए लेख, असामाजिक विषय, गंदे शब्द - ये सब वेबसाइट या ब्लॉग को कमज़ोर करते हैं. हाँ, ऐसा भी नहीं कि व्यक्तिगत अनुभवों को साझा करते हुए पोस्ट और मेडिकल विषय पर लिखे गए पोस्ट दोनों में एक स्तर की विशेषज्ञता की अपेक्षा की जा रही है; लेकिन भाषा का स्तर और गुणवत्ता के अन्य मापदंड दोनों में लागू होते हैं.
हमने सैकड़ों ऐसे ब्लॉग देखे हैं जिनके लेखकों ने विषय को बस थोड़ा सा समझ क्या लिया, विशेषज्ञ की तरह सीख देने लगे. हिंदी ब्लॉगों में ऐसा ट्रेंड टेक्नोलॉजी, योग, नेचुरोपैथी जैसे विषयों में ज़्यादा देखने में आया है. 

3. ब्लॉग पर अपने बारे में लिखना अच्छा माना जाता है. अगर आप अपने निजी जीवन के बारे में जानकारी साझा नहीं करना चाहते हैं तो कम से कम ईमेल ID ज़रूर दें.

4. गूगल यह भी कहता है कि डिज़ाइन पर ज़रूर ध्यान दें.
इस बारे में हम हिंदी के ब्लॉगर्स से कहना चाहेंगे कि रंगों पर ध्यान अवश्य दें. फूहड़ तरीके से ब्लॉग को और शब्दों को रंगना ब्लॉग की गरिमा को कम करता है. 

5. ब्लॉग को ठीक से संजोए रखना, उसमें नयी पोस्टें डालते रहना,ऐसी सामग्री जोड़ना जो ब्लॉग पर पहुँचने वालों के लिए उपयोगी हो, ये ब्लॉग को वेब दुनिया में प्रतिष्ठित करने में सहायक होते हैं.

अगर आप मूल पोस्टों को  पढ़ना चाहते हैं तो यहां पधारें:  Google on website and blog quality

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